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Reality of Religion (धर्म की वास्तविकता ) by Neeraj kumar

                                   Reality of Religion

Reality

Religion is very important in our life. The reality of religion teaches us that a person can walk on the path of religion, if he wants, he can become a religious guru. We have to study from birth to death while following religion. Religion can also give us mental and spiritual peace if it follows the right path of religion.The real knowledge of religion can be obtained from the culture of that person, the rites which have affected that person.

There are different places in the world to walk on the path of religions, which tells us that if we want to receive God's grace, then we have to walk the path of religion. We cannot get any blessing from God without becoming religious.

Thought of Religion

Ever since humans started taking the name of God in the world, religion has arisen and humans want to get God's blessings through their own religion. There are different religions in the world, the ways of those religions may be different. But everyone's destination is one and they believe in their own religion and want to receive blessings from God. Putting someone in trouble for some reason is called unrighteousness, everyone does or does not follow religion and caste people get religion name in their upbringing after birth. Which he has to follow till death.

Importance of Religion

There are different religions in the world. Those who have existed in different times and even today humans have evidence of the origin of their religion. The one who was born in the religion, he has attained righteousness by adopting that religion and has become the guide of that religion.

1 Every person in the world has taken birth in some religion and their whole life is based on the path of religion. Religion makes life progressive and imparts spirituality. Humans do the last rites of humans of their religions according to the customs of their religion. If we look at the history of religions, we get centuries old belief, which tells the reality of religion. There are also different religious places, which also show the way for humans to follow religion. Every religion has some specialty, which makes a person religious.

2 If a person says that, I do not believe in religion. So that could be his misunderstanding. One day, he has to follow the path of religion. All religions have their own importance, which gives a way to a person. There are many human beings in the world who, along with their religion, have embraced spirituality and become guides of that religion by adopting other religions. Religion gives us that mental satisfaction, which is considered to be a great achievement for us.

3 Any person in the world can adopt any religion and become its guide. Religion gives us a sense of humanity and compassion. Human beings read the history of their religions and also give their knowledge to others. In the world, today, in every country, there are other religious places. So that the person does not feel that he has separated from his religion while living abroad. It makes sense that human beings respect their religion as well as other people's religion and we should keep it in our hearts in such a way that the reality of religions increases. 

4 Today, the reality of religion has been recognized in almost all countries of the world. How does a person get to learn everything under religion, which he cannot learn from books. Religion tells us the basis of the reality of living, how can we become the blessed characters of God.


The conclusion

 By becoming religious, we can feel the mental peace that we do not get anywhere. Therefore, it is considered difficult to follow the path of religion. One who walks on these paths receives the grace of God.


                                   धर्म की वास्तविकता

वास्तविकता

धर्म हमारे जीवन में बहुत महत्व रखता है धर्म की वास्तविकता हमें ये सिखाती है की इन्सान धर्म के रास्तो पर ही चल सकता है यदि वो चाहे तो धर्म गुरु भी बन सकता है| हमें जन्म से लेकर मृत्यु तक धर्म को अपनाते हुए ही चलना पढता है| धर्म हमें मानसिक और अध्यात्मिक शांति भी दे सकता है यदि वो धर्म के सही रास्तो पर चलता है। धर्म का वास्तविक ज्ञान उस इंसान को उसकी संस्कृति से मिल सकता है जिस संस्कारो का असर उस इंसान पर पड़ा हो।

दुनिया में धर्मो के मार्गो पर चलने के अलग अलग स्थल मौजूद है,उनके विचार अलग है उनके धर्म का पालन करने के तरीके अलग है उनकी सोच अलग है। जो हमें ये बताते है की भगवान् की कृपा प्राप्त करनी है तो धर्म को साथ लेके इंसानियत के रास्ते चलना ही होगा| बिना इंसानियत को लिए कोई धर्मिक नही बन सकता। बिना धार्मिक बने भी इंसान को भगवान् का आशीर्वाद  मिल सकता| यदि वो अधर्म को त्यागता है। और इंसानियत को अपनाता है। 


धर्म का विचार

दुनिया में इंसानों ने जब से भगवान् का नाम लेना शुरू किया, तब से धर्म की उत्पति हुई और इन्सान अपने अपने धर्म के सहारे भगवान् का आशीर्वाद पाना चाहते है| दुनिया में अलग अलग धर्म है, उन धर्मो के रास्ते अलग अलग हो सकते है| लेकिन सबकी मंजिल एक है और वो अपने अपने धर्म में विश्वास करके भगवान् से कृपा प्राप्त करना चाहते है|

दुनिया में अलग अलग धर्म है| जिनका अस्तित्व अलग अलग काल में हुआ है और आज भी इंसानों के पास अपने धर्म की उत्पति के प्रमाण मौजूद है| जिसको जिस धर्म में जन्म मिला उसने उस धर्म को अपनाते हुये धर्मिकता को प्राप्त किया है और उस धर्म के मार्गदर्शक बने है| किसी को किसी वजह से परेशानी में डालना अधर्म कहलाता है  हर कोई  धर्म का पालन करता भी है और नही भी  करता जाति धर्म नाम  इंसानो को जन्म के बाद उसकी परवरिश में मिलते है। जिसका पालन धर्म के साथ उसको मृत्यु तक करना पड़ता है।

धर्म का महत्व   

1 दुनिया में हर इन्सान ने किसी ना किसी धर्म में जन्म जरुर लिया है और उनका पूरा  जीवन धर्म के बताये गए मार्गो पर ही आधारित होता है| धर्म ही जीवन को प्रगतिशील बनाते है और आध्यात्मिकता प्रदान करते है| इन्सान अपने अपने धर्मो के इंसानों का अंतिम संस्कार, अपने धर्म के रीती रिवाजो के मुताबिक ही करते है| यदि हम धर्मो के इतिहास पर नजर डाले तो हमें सदियों पुरानी मान्यता मिलती है, जो धर्म की वास्तविकता को बताती है| दुनिया में अलग अलग धर्म स्थल भी है, जो इंसानों को धर्म पर चलने का मार्ग भी दिखाते है| धर्म की कोई ना कोई खासियत जरुर होती है, जो इन्सान को धार्मिक बनाती है|

2 यदि कोई इन्सान ये कहे की, मै धर्म को नहीं मानता| तो वो उसकी गलतफहमी हो सकती है| एक ना एक दिन उसको धर्म के मार्गो पर चलना ही होता है| सभी धर्म के अपने अपने महत्व होते है, जो इन्सान को एक राह दिखाते है| दुनिया में बहुत से ऐसे भी इन्सान है जो अपने धर्म के साथ साथ दुसरे धर्मो को अपनाकर, उसमे आध्यात्मिकता पाई है और उस धर्म के मार्गदर्शक बने है| धर्म हमें वो मानसिक संतुष्टि देता है, जिसको पाना हमारे लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जाती है|

3 दुनिया में कोई भी इन्सान किसी भी धर्म को अपना सकता है और उसके मार्गदर्शक बन सकता है| धर्म हमें इंसानियत और दया भाव की भावना देता है| इन्सान अपने अपने धर्मो के इतिहास को पढ़ते है और उसका ज्ञान दुसरो को भी देते है| दुनिया में, आज हर देश में एक दुसरे के धर्म स्थल बने हुए है| ताकि इन्सान ये महसूस ना करे की वो विदेशो में रहकर अपने धर्म से अलग हो गया है| इससे ये समझ आता है की इन्सान अपने धर्म के साथ साथ दुसरे इन्सान के धर्म का भी सम्मान करता है और हमें अपने दिलो में इस तरह रखना चाहिए ताकि धर्मो की वास्तविकता बढे|

4 आज दुनिया के लगभग सभी देशो में धर्म की वास्तविकता को पहचाना जा चूका है| कैसे धर्म के अधीन इन्सान को वो सब सिखने को मिलता है, जो वो किताबो से नहीं सीख पाता| धर्म हमें जीने की वास्तविकता का आधार बताता है की हम परमात्मा के कृपा पात्र कैसे बन सकते है|


निष्कर्ष

धार्मिक बनकर हम उस मानसिक शांति को महसूस कर सकते है, जो हमें कही नही मिलती हो| इस लिए धर्म का मार्ग पर चलना कठिन माना जाता है| जो इन मार्ग पर चलता है, वो ईश्वर की कृपा प्राप्त करता है|   


Comments

  1. धर्म की उत्पति इंसानो ने की है.....
    किसी को भी बिना किसी वजह के परेशानी मे डालना अधर्म है हर कोई प्रति पल या धर्म का पालन करता है या फिर अधर्म करता है.
    जाति धर्म और नाम इंसानो को इंसानो से जन्म के बाद परवरिश में मिलते है

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  2. जी आपने स्वीकार किया और सुधार भी किया ये अतुलनीय है..... एक उच्च लेखक के गुण आपकी लेखनी मे निहित है.... खूब लिखिये तरक्की कीजिये शुभ कमानाओ सहित

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Thank you

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