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Reality of Thinking (सोच की वास्तविकता) By Neeraj Kumar

                                              सोच की वास्तविकता

वास्तविकता

 सोच एक ऐसी शक्ति है जो हर इन्सान के पास होती है हम कभी भी, कही भी, कुछ भी सोच सकते है| हमारी सोच ही हमारी स्मरण शक्ति को दर्शाती है| जिसको इस दुनिया में जन्म मिला है वो अपनी सोच को कितना इस्तेमाल करता है, ये उसकी सोच ही बताती है| सोच वो शक्ति है, जिसको हम दिखा नहीं सकते| सोच हमारे जीवन का आधार तय करती है, और जीवन जीने का रास्ता दिखाती है| 

सोच पर विचार

जब इन्सान किसी कार्य को लेकर दुविधा में फंसा हो तो सोच वो मानसिक शक्ति बनकर उत्पन होती है, जिसके सहारे वो उस दुविधा को खत्म कर सकता है| हम बड़ी से बड़ी कठिनाईयो का हल करके दुविधा से निकल सकते है| सोच ही हमें कार्यो में सफलता प्रदान करती है| सोच ही इन्सान को आगे का रास्ता दिखाती है| सोच ही है जिसके सहारे इन्सान चाँद और मंगल तक पहुच पाया है और भी आगे तक जाने की तैयारी में है|

सोच का महत्व

जब हम बार बार अपने कार्यो में बोधिक शक्ति को लगाते है तो हम उस कार्य को सरल बनाने के लिए सोचते है| सोच हमारी अंतरात्मा की आवाज होती है, जिसको कोई दूसरा नहीं सुन सकता और वो आवाज ही हमारी बौधिक शक्ति होती है जिसको हम सोचते है| 

दुनिया में हर इन्सान के रंगरूप की तरह उनकी सोच भी अलग अलग होती है| सोच ही इंसानों के लिए वो रास्ते तलाशती है, जिन पर वो चलना चाहता है| अलग अलग इन्सान किस तरह के विचार रखते है, ये उनकी सोच ही बताती है| जो इन्सान अपने जीवन में कुछ नया करने की सोचते है, वो समाज को एक अलग तरह की राह दिखाते है| कोई किस तरह की सोच रखता, तो कोई किस तरह की| यानि कोई अच्छा सोचता है, तो कोई बूरा| ये कोई नहीं बता सकता| हर इन्सान के सोचने का तरीका भी अलग अलग होता है| 

हमारे दैनिक जीवन का हर एक दिन हमारी सोच से होकर गुजरता है| हम किस तरह उस  दिन की चुनौतियों का सामना, किस तरह करते है ये उस इन्सान की सोच ही तय करती है| और वो अपने जीवन को किस मुकाम तक लेकर जाते है, ये उनकी सोच ही बताती है| 

कोई इन्सान ज्यादा अमीर होने की सोच रखते तो कोई अपनी प्रसिद्धि पाने की सोच रखते, कोई किसी क्षेत्र में कमियाब होने की सोच रखते तो कोई किसी क्षेत्र में| जब तक इंसानों की सोच उनके साथ रहती है, वो किसी भी मुसीबत से अपने आप को बाहर निकाल सकते है| 

इंसानों की सोच ने ही जीवन को सुविधाजनक और आरामदायक बनाया है| जब जब इंसानों की सोच में विकास हुआ, तब तब एक नये युग का अविष्कार देखने को मिला| ये बात इतिहास के पन्नो पर लिखा गया| कभी कोई इन्सान इतनी दूर की सोच रखता है की उसका मुकाबला करना भी आसान नहीं होता|  

इन्सान अपनी सोच से, ज्यादा से ज्यादा पैसे तक कमा सकता है| इन्सान सुबह से शाम तक सोचता रहता है और उसको अपनी सोच के साथ ही आगे बढ़ना होता है| बिना सोचे वो कोई कार्य नहीं कर सकता, यानि अपने कार्य क्षेत्र को किस तरह बढ़ाना है या नहीं उसको अपने हर कदम के बारे में सोचना पढता है|

निष्कर्ष 

जब से पृथ्वी पर इंसानों का अस्तित्व हुआ, तब से उनकी सोच ने ही उनके जीवन में बड़े बड़े बदलाव किये और नये नये अविष्कारों को जन्म दिया| जिससे जीवन की राह आसान हुई| इंसानों की सोच वो है जो किसी भी हद तक पहुँच सकती है, और इसलिए आजतक इंसानों की सोच के कारण ही हर क्षेत्र में अविष्कार देखने को मिले है और उसके पीछे सोच ही है जो पृथ्वी से लेकर ब्रह्माण्ड की कठिन से कठिन पहेलियो के रहष्यो को उजागर करने में सकारात्मक भूमिका अदा करती है| 

                              Reality of Thinking
Reality

Thinking is such a power that every person possesses, we can think anything, anytime, anywhere. Our thinking reflects our memory. He who has been born in this world, how much he uses his thinking, it tells his thinking only. Thinking is the power, which we cannot show. Thinking sets the basis of our life, and shows the way to live life.

Thought 

When a person is caught in a dilemma about a task, then thinking becomes a mental power, with the help of which he can eliminate that dilemma. We can overcome the dilemma by solving the biggest difficulties. Thinking gives us success in work. Thinking shows the way forward for humans. It is thought that through which humans have been able to reach the moon and Mars and are ready to go even further. When we repeatedly apply the intellectual power in our works, we think to simplify that work. Thinking is the voice of our conscience, which no one else can hear, and that voice is our intellectual power which we think.

Importance

Like the appearance of every human in the world, their thinking is also different. It is the thinking that finds the way for humans, which they want to walk on. What kind of ideas do different people have, it tells their thinking only. Human beings who think of doing something new in their life, show a different way to society. What kind of thinking does someone have, what kind of thinking. That is, if someone thinks well, someone thinks bad. Nobody can tell this. Each person's way of thinking is also different. Every single day of our daily life passes through our thinking. How we face the challenges of that day, how it determines the thinking of that person. And how far they take their life, it tells their thinking only. 

Some people were thinking of becoming more rich, some were thinking of getting their fame, some were thinking of being successful in some area and some in some area. As long as the thinking of humans stays with them, they can get themselves out of any trouble. The thinking of humans has made life convenient and comfortable. When there was development in the thinking of humans, then a new era was invented. This thing was written on the pages of history. Sometimes a person thinks so far that it is not easy to compete with him. A person can earn as much money as he thinks. A person keeps thinking from morning till evening and he has to move ahead with his thinking. He cannot do any work without thinking, that is, how to increase his field of work or not, he has to think about his every move.

The conclusion 

Ever since the existence of human beings on Earth, since then it was his thinking that made major changes in his life and gave birth to new inventions. Which made life easier. The thinking of humans is that which can reach any extent, and so till date, due to the thinking of humans, innovation has been seen in every field and the thinking behind it is that which makes the mysteries of the most difficult puzzles from the earth to the universe. Plays a positive role in exposing    

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