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Reality of water (पानी की वास्तविकता) By Neeraj Kumar

                                 Reality of Water

Reality

Can life be thought of without water? Without water, we cannot even imagine a life. Water is the most precious of life's needs. Once water is destroyed, it cannot be regenerated again.

Water is the natural resource of the world on which life rests. And even if the most precious water was not there, life on earth was impossible.

Thought

Everyone needs water from birth to death. Human beings and animals need water several times a day and they quench their thirst by drinking water, which keeps their body in balance. There is no existence of life if there is no water. To understand this, we have to see a place where people also crave for drinking water. The life of human beings and animals is not only on water, life cannot be thought of without water. No one can survive without water. Water is the most important requirement of all, everyone drinks water and quenches his thirst.

Importance

Ever since the development of human civilization, humans had started making their habitat around water so that human can easily consume water. Water has been needed for all ages for ages. Everyone's thirst has been quenched and will continue to quench like this. In search of water, do not know how many live animals have to travel to meet.

There are rivers in almost all the countries of the world, which till now have quenched the thirst of humans and animals. Humans started using their most precious natural resource and misusing it due to their greed. Due to which the water of the rivers is getting depleted and it is emerging as a big problem. If man does not come out of his greed, he will open all the paths of his destruction.

Today in some countries of the world, we have to travel the journey of water for water. And in many countries, life is destroyed due to lack of water, it shows that even if a person loots everything, he cannot invent water.

We have to keep our environment fine so that water shortage can be met. Even for crops, the farmer needs the most water, if the quantity of water is not found right, the crop is ruined. Due to which the farmer is at a disadvantage, but due to lack of grain, a crisis is created on the human civilization. So we have to understand that water is our existence, we cannot live without it. We should conserve water as much as possible, so that human civilization can survive.

A few years ago, the citizens of South Africa had to face the problem of lack of water in a part of it. It teaches us that if misuse of water continues in this way, it will become difficult to escape life. Therefore water should be saved as much as possible so that our life is safe.

The conclusion

There is no basis for life without water. Water is a precious necessity of natural resources, which cannot be valued by anyone. Water should be used as much as it is needed. If we continue to waste water in this way, then our life will be moving towards destruction due to lack of water.  


                           पानी की वास्तविकता
वास्तविकता

क्या पानी के बिना जीवन के बारे में सोचा जा सकता है? पानी के बिना हम जीवन की कल्पना भी नहीं कर सकते| पानी, जीवन की जरूरतों में सबसे कीमती है| यदि एक बार पानी नष्ट हो जाये, तो दोबारा उसकी उत्पत्ति नहीं की जा सकती|

पानी संसार का वो प्राक्रतिक संसाधन है जिस पर जीवन टिका है पृथ्वी पर सबसे ज्यादा पानी ही है| और सबसे कीमती भी यदि पानी नहीं होता तो पृथ्वी पर जीवन का होना नामुमकिन था|

विचार  

जन्म से लेकर मृत्यु तक सबको पानी की जरुरत होती है। इन्सान से लेकर जीव जन्तुओ को दिन में कई बार पानी की आवश्यकता होती है और वो पानी पीकर अपनी प्यास बुझाते है जिससे उनके शरीर में संतुलन बना रहता है| यदि पानी ना हो तो जीवन का कोई अस्तित्व नहीं है| इस बात को समझने के लिए हमें ऐसी जगह देखनी होगी जहा के लोग पानी पिने के लिए भी तरसते हो| पानी पर इन्सान ही नहीं जीव जन्तुओ का भी जीवन टिका है पानी के बिना जीवन के बारे में सोचा भी नहीं जा सकता| बिना पानी के कोई जीवित नहीं रह सकता पानी ही सबकी सबसे मुलभुत जरुरत है पानी पीकर सब अपनी प्यास बुझाते है|

पानी का महत्व

जब से इंसानी सभ्यता का विकास हुआ तब से इंसानों ने पानी के आस पास ही अपने रहने का ठिकाना बनाना शुरू कर दिया था, ताकि इन्सान पानी का आसानी से उपभोग कर सके| युगों युगों तक पानी, सबकी जरुरत बनता आया| सबकी प्यास बुझाता आया है और इसी तरह बुझाता रहेगा| पानी की तलाश में, ना जाने कितने जिव जन्तुओ को मिलो का सफ़र तय करना पड़ता है|

दुनिया के लगभग सभी देशो में नदिया है, जो अब तक इंसानों से लेकर जीव जन्तुओ की प्यास बुझाती आई है| इंसानों ने अपने लालच के कारण अपने सबसे कीमती प्राक्रतिक संसाधन का इस्तेमाल करने के साथ साथ उसका दुरपयोग करना शुरू कर दिया| जिससे नदियों का पानी समाप्त होता जा रहा है और ये एक बड़ी मुसीबत बनकर उभर रहा है| यदि इन्सान अपने लालच से बाहर नहीं निकला तो, वो अपने विनाश के सभी रास्ते खोल देगा|

आज दुनिया के कुछ देशो में पानी के लिये, मिलो का सफर तय करना पढता है| और कई देशो में पानी कमी के कारण जीवन का विनाश हो जाना, ये बताता है की इन्सान अपना सबकुछ भी लुटा दे तो भी पानी का आविष्कार नहीं कर सकता|

हमें अपने वातावरण को ठीक रखना होगा जिससे पानी की कमी पूरी होती रहे| फसलो के लिए भी किसान को सबसे ज्यादा पानी की जरुरत होती है यदि पानी की मात्रा सही नहीं मिलती तो फसल बर्बाद तक हो जाती है| जिससे किसान का तो नुक्सान होता ही है बल्कि अनाज की कमी के कारण इंसानी सभ्यता पर संकट खड़ा हो जाता है| इसलिए हमें ये समझना होगा की पानी ही हमारा अस्तित्व है, हम इसके बिना नहीं रह सकते| हमें जितना हो सके पानी को बचाकर रखना चाहिए, जिससे इंसानी सभ्यता जीवित रह सकेगी|

उदाहरण =हाल ही के कुछ वर्षो पहले दक्षिणी अफ्रीका के एक हिस्से में पानी की कमी से वहा के नागरिको को इसका सामना करना पढ़ा था| ये हमें सिखाता है की यदि इसी तरह पानी का दुरूपयोग होता रहा तो, जीवन का बचना भी मुश्किल हो जायेगा| इस लिए जितना हो सके पानी को बचाना चाहिए ताकि हमारा जीवन सुरक्षित रहे|

निष्कर्ष

पानी के बिना जीवन का कोई आधार नहीं है| पानी प्राकर्तिक संसाधनों का वो बेशकीमती जरुरत है, जिसकी कीमत, किसी से नहीं की जा सकती| पानी को उतना ही उपयोग करना चाहिए, जितनी उसकी जरुरत हो| यदि हम इसी तरह पानी को बर्बाद करते रहेंगे तो, पानी की कमी से हमारा जीवन, विनाश की और अग्रसर होगा|  

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