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Reality of character and face(चरित्र और चेहरे की वास्तविकता)By Neeraj kumar

 

चरित्र और चेहरे की वास्तविकता

जीवन मे चरित्र और चेहरे का बहुत महत्व है जितना चेहरे को महत्व दिया जाता है उतना ही चरित्र को भी महत्व दिया जाता है यदि चरित्र अच्छा ना हो| चेहरे की कोई अहमियत नहीं होती| चरित्र और चेहरे में इन्सान के व्यक्तित्व की सच्चाई छुपी होती है चरित्र और चेहरे में कौन किसको कितना पसंद आता है| ये समझना मुश्किल होता है| कभी किसी को किसी का चेहरा अच्छा लगता है तो उसका चरित्र अच्छा नहीं लगता| और किसी को किसी का चरित्र अच्छा लगता है तो चेहरा अच्छा नहीं लगता| चरित्र और चेहरे में किसको कितना महत्व मिलता है ये हमको समझना चाहिए|

चरित्र और चेहरे का विचार

इन्सान के व्यक्तित्व में चरित्र और चेहरे की एक महत्वपूर्ण भूमिका समझी जाती है किसी इन्सान का चेहरा देखने में इतना अच्छा लगता है की कोई दूसरा इन्सान उसके बारे में अपनी कल्पना बना लेते है| जब उसके चरित्र का पता चलता है तो वो बनाई गई कल्पना गलत साबित होती है| इसी तरह जब कोई इन्सान किसी दुसरे इन्सान के चरित्र की बात करता है तो दुसरे इन्सान उसके चेहरे की कल्पना बना लेते है और यदि वो इन्सान दुसरे के द्वारा बनाई गई कल्पना से गलत साबित होती है| दोनों में से कोई भी बिगड़ता है तो व्यक्तित्व पर असर होता है|

चरित्र और चेहरे का महत्व

चेहरा ऐसा होना चाहिए जो सबको भा जाये लेकिन चरित्र ऐसा होना चाहिए जो सबको अपना बना ले| यदि चेहरा अच्छा लगता हो तो सब उसकी तरफ आकर्षित होते है| और चरित्र अच्छा हो तो सब उसको पसंद करते है चेहरा दिखने में अच्छा लगता है| तो चरित्र व्यवहार में अच्छा होता है, चेहरे को देखकर चरित्र की पहचान की जा सकती है| और कभी नहीं भी की जा सकती| चेहरा और चरित्र दोनों ही इन्सान के जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है कहते है| चेहरे से चरित्र की पहचान हो जाती है| क्योकि इन्सान के विचार उसकी सोच के जरिये चेहरे पर आ जाते है चेहरे को पढ़ कर चरित्र को पहचान लेते है|

 

एक इन्सान के सामने दुसरे इन्सान का चेहरा सबसे पहले आता है और फिर बाद में उसके चरित्र का पता चलता है कोई चेहरे को ज्यादा अहमियत देता है तो कोई चरित्र को लेकिन चेहरे और चरित्र में से किसको अहमियत मिलती है| यदि चरित्र और चेहरा दोनों ही किसी इन्सान में पाए जाते है| तो उसको एक अच्छी पहचान मिल सकती है| जब तक चरित्र का साथ चेहरे के साथ नहीं होता तो उसके व्यक्तित्व पर एक सवाल बना रहता है| चाहे उसका चेहरा कितना ही आकर्षित क्यों ना करता हो|

इन्सान अपने चेहरे को अपने तरीके से बदल भी सकता है| और चरित्र को अपनी इन्द्रियों द्वारा ही सम्भाल सकता है कई इन्सान किसी दुसरे का चेहरा देखकर उसका चरित्र का ज्ञान देते है लेकिन कभी कभी वो गलत भी साबित हो जाते है| जब तब वो इन्सान किसी के व्यवहार में नहीं आता तबतक चरित्र की भविष्य वाणी करनी संभव नहीं होती|

निष्कर्ष

इन्सान के चेहरे और चरित्र में ज्यादा पहचान चेहरे को मिलती है लेकिन अहमियत ज्यादा चरित्र को दी जाती है| चरित्र और चेहरा दोनों इन्सान की पहचान के लिए जाने जाते है चेहरा कैसा भी हो| लेकिन चरित्र के सामने उसकी कोई अहमियत नहीं होती जब तक चरित्र अच्छा  ना हो| 


Reality of character and face

Character and face are very important in life, as much importance is given to the face as much as character is given importance if the character is not good. The face is not important. The truth of a person's personality is hidden in character and face, who likes how much in character and face. This is difficult to understand. Sometimes if someone likes someone's face, then their character does not like it. And if someone likes someone's character, the face does not like it. We should understand who gets so much importance in character and face.

Thought of ​​character and face

Character and face is considered to be an important role in a person's personality. It is so good to see the face of a human being that someone else can create their own fantasy about him. When her character is revealed, the imagery she creates proves to be wrong. Similarly, when a person talks about the character of another person, then Dursa man creates a fantasy of his face and if he is proved wrong by the imagination created by another person If either of them deteriorates, there is an effect on the personality.

Importance of character and face

The face should be such that everyone likes it, but the character should be such that it makes everyone their own. If the face looks good, then everyone is attracted towards it. And if the character is good, then everyone likes it, it looks good to see the face. So the character is good in behavior, the character can be identified by looking at the face. And it can never be done. Both face and character play an important role in a person's life. Character is identified by face. Because the thoughts of a person come to his face through his thinking and read the face and recognize the character.


The first person's face comes first in front of a human and then later his character is revealed. If both the character and the face are found in a person. So he can get a good identity. As long as the character is not with the face, then there remains a question on his personality. No matter how attractive his face is.


A person can change his face in his own way. And the person can handle the character only through his senses, many humans give knowledge of his character by seeing the face of another, but sometimes they prove to be wrong. When that person does not come in anyone's business, it is not possible to predict the character.

The conclusion

More recognition is found in the face and character of a person, but more importance is given to the character. Both the character and the face are known to identify a person, whatever the face. But he has no importance in front of the character unless the character is good.

      

 

Comments

  1. बहुत सही विवेचन किया है आपने चरित्र का और सुंदरता का

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Thank you

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