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Reality of expectation and decision(उम्मीद और निर्णय की वास्तविकता) By Neeraj kumar

 

उम्मीद और निर्णय की वास्तविकता

वास्तविकता

कहते है उम्मीद पर दुनिया कायम है जिसके पीछे वो निर्णय होते है जो जीवन में लिए होते है हमने अपने जीवन में बहुत से ऐसे निर्णय लिए होंगे जिसकी हमें उम्मीद होती है की ये जरुर पुरे होंगे| हमारे निर्णय ही हमारी उस उम्मीद को कायम रखते है जो निर्णय हमने लिया था हमारे निर्णयों को हमारी उम्मीद ही बनाए रखती है की हम जीवन में अपने कार्यो को पूरा कर लेंगे| या नहीं|

उम्मीद और निर्णय का विचार

इन्सान को अपने हर उस कार्य क्षेत्र या हर उस निर्णयों से उम्मीद होती है जो जीवन के संघर्षो में उसने उम्मीद के साथ लिए होते है कभी कभी हम अपने निर्णयों की वजय से किसी के साथ उम्मीद लगा लेते है की ये मेरे निर्णय की कद्र करेगा लेकिन कभी वो निर्णय सही साबित होते है तो कभी गलत साबित होते है और तब हमारी उम्मीद टूट जाती है इसके पीछे हमरा वो निर्णय था जिसकी वजह हमारी उम्मीद बनी|

उम्मीद और निर्णय का महत्व  

हम किसी ना किसी से कोई ना कोई उम्मीद जरुर रखते होंगे| चाहे इसमें रिश्तो की बात कर ले या किसी दोस्त की बात हो जाये या फिर अपने जीवन साथी ही क्यों ना हो| हम अपनी उम्मीद का बोझ उन पर इस तरह रख देते है जिससे वो कभी नहीं निभा सकता ये उम्मीद हमारे उन निर्णयों पर होती है जो उम्मीद हमने अपने रिश्तो या दोस्तों या जीवन साथी से ही लगाईं थी|

कुछ इन्सान किसी से कोई उम्मीद नहीं रखते वो बस अपने निर्णयों पर इस तरह सही साबित होने की उम्मीद बना लेते है जो निर्णयों से जुडी हो| और कुछ इन्सान किसी से बहुत सारी उम्मीदे कायम कर लेते है वो अपने निर्णयों के करण ऐसा करते है|

हमारी उम्मीदों को हमारे निर्णय ही उजागर करते है जहा निर्णय नहीं होता वहा उम्मीद भी नहीं होती| हमारे निर्णय हमारी उम्मीद को कायम करती है निर्णय हमारे उन कार्यो को कह सकते है जो समाज के लिए लिये गए जरूरी हो जाये है जो उम्मीद को पूरा करने में निर्णयों को सही साबित करते है

निष्कर्ष

इन्सान को अपनी उम्मीद कभी ख़त्म नहीं करनी चाहिए क्योकि उसके पीछे उसके निर्णय होते है यदि उसकी उम्मीद खत्म होती है तो उसके निर्णय को सही या गलत ठहराया जाता है


Reality of expectation and decision

The reality

It is said that the world rests on hope, the decisions that are taken in life, we have taken many such decisions in our life, which we hope that they will be complete. Our decisions only uphold our expectation that the decision we had taken, our decisions only maintain our expectation that we will complete our tasks in life. Or not.

Thought of ​​hope and decision

A person is expected from every field or every decision that he has taken in the struggles of life, sometimes we hope with our judgment that someone will appreciate my decision but Sometimes those decisions are proved right, sometimes they prove to be wrong, and then our hopes are broken, it was our decision that caused our hope.

Importance of expectation and decision

We must have some hope from someone. Whether it talks about a relationship or a friend, or even your life partner. We place the burden of our hope on them in such a way that they can never fulfill this expectation on those decisions which we had expected from our relatives or friends or life partner.

Some humans do not expect anything from anyone, they just hope to prove their decisions to be true in a way that is related to the decisions. And some humans set a lot of expectations from someone, they do so due to their decisions.

Our decisions only highlight our expectations where there is no decision and there is no hope. Our decisions uphold our expectations. Decisions can be said to our actions which have become necessary for the society, which justifies the decisions in fulfilling the expectations.

The conclusion

A person should never give up his hope because his decisions are behind him. If his expectations end, then his decision is justified or wrong.

Comments

  1. In every sphere of life decision making is a critical job because expectations change with time.

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