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Reality of Rites and culture(संस्कार और संस्कृति की वास्तविकता) By Neeraj Kumar

 

संस्कार और संस्कृति की वास्तविकता


वास्तविकता  

संस्कार ऐसे होने चाहिए जिससे इन्सान की संस्कृति की पहचान होती हो | संस्कार एक ऐसी रूप रेखा जिससे इन्सान की संस्कृति झलकती है की वो किस संस्कृति से जुडा इन्सान है संस्कार ही इन्सान के व्यक्तित्व को निर्धारित करते है जो सामने वाले  पर कितने प्रभाव डालते है जब भी संस्कारो की बात आती है तो सबसे पहले उन इन्सानो की संस्कृति को देखा जाता है की वो किस संस्कृति से जुड़ा है संस्कार और संस्कृति से जुड़े उन इंसानों को आसानी से पहचान सकते है जिन्होंने देश और दुनिया में अपनी पहचान बनाई समाज कल्याण मार्गो पर चलने का रास्ता दुनिया को दिखाया| जिससे उनकी संस्कृति की एक पहचान बनी| इन्सान की पहचान में एक बड़ी भूमिका उसके संस्कारो की होती है जो उसकी संस्कृति को दर्शाती है|दुनिया में पहनावे से भी इंसानो की संस्कृति की पहचान असानी से हो जाती है।

संस्कार और संस्कृति का विचार

कहते है संस्कार वो धन है जो कमाया नहीं जाता ये इन्सान को उसके परिवार उसके समाज  से विरासत में ही मिलता है जिस परिवार में वो इन्सान जन्म लेता है उस इन्सान की परवरिश और उसके संस्कार ही उसके परिवार की संस्कृति को दर्शा देते है| संस्कार और संस्कृति को जानने के लिए हमें ये समझना बहुत जरुरी हो जाता है किस इन्सान की संस्कृति कितनी पुरानी है| हमने दुनिया में अलग अलग संस्कृतियों से जुड़े इंसानों को देखा होगा| जब तक हम समाज में फैले संस्कृतियों से जुड़े इंसानों को जानते और पहचानते नहीं तब तक हम सही तरीको में उस सस्कृति का पता नहीं लगा सकते| जितनी अच्छी संस्कृति होती है उतने अच्छे संस्कार होते है|  

संस्कार और संस्कृति का महत्व

हमने समाज में देखा होगा की इन्सान ज्यादातर अपने बच्चो को ऐसे संस्कार देते है जो उनकी संस्कृति से जुड़े होते है क्योकि उनको भी उनके माता पिता से वही संस्कार मिले थे जो उनकी संस्कृति ने दिए| हमारे संस्कार हमारे परिवार समाज की संस्कृति को दर्शाने का काम करते है और हम हर उस उत्सव और त्यौहार पर अपनी संस्कृति को दर्शाते है|

बात यदि संस्कारो की हो तो हम सबसे पहले उनको याद करते है जिस संस्कृति से वो इन्सान जुड़ा हुआ है | संस्कार ही संस्कृति को दर्शाने का काम करते है यदि समाज में संस्कृति को समझना है तो संस्कारो को देखते है इसके लिए इतिहास को पढना और समझना बहुत महत्वपूर्ण होता है हमारा इतिहास ही ये बताता है की 

किस संस्कृति का प्रभाव संस्कार पर कितना पढ़ता है

इन्सान के संस्कार कभी ख़त्म नहीं होते वो पीढ़ी दर पीढ़ी माता पिता से बच्चो में पहुचते रहते है| बहुत ही कम ऐसा होता होगा| की कोई अपने परिवार के संस्कारो से हट कर समाज में रहता हो| लेकिन हमने ज्यादातर यही देखा होगा| की उस इन्सान की संस्कृति की पहचान करनी है तो सबसे पहले संस्कारो को देखे| हमने समाज में ऐसा भी देखा होगा की अलग अलग संस्कृतियों से जुड़े इंसानों को रहते हुए| लेकिन उनमे से किसी की संस्कृति किस पर कितना प्रभाव डालती है या नहीं डालती वो दूसरा उसको अपनाता हो या नहीं| ये वही इन्सान बता सकता है|

निष्कर्ष

आज भी दुनिया में हम देख सकते है की इंसानों के संस्कार से ही उसकी संस्कृति की पहचान हो जाती है चाहे संस्कृति कितनी ही पुरानी क्यों ना हो| उनकी संस्कृति समाज में एक ऐसी छाप छोडती है की उसको भुलाये से भी नहीं भुला सकते| 


Reality of Rites and culture

The Reality

Rites should be such that the identity of human culture is recognized. rites and culture is a design that reflects the culture of human being, what culture is the human being related to? Rites determine the personality of the person, who has so much influence on the front, whenever it comes to the rites, first of all the culture of those human beings It is seen that with which culture they are connected, they can easily identify those human beings connected with culture and culture who have made their identity in the country and the world, showing the world the way to walk on social welfare paths. Which created an identity of their culture. A big role in the identity of a person is his rites which reflect his culture. Even in the world, the identity of human culture is easily identified with the dress.

Thought of ​​culture and culture

It is said that rites and culture the money that is not earned, this person gets inheritance from his family and his society, the family in which he is born, the upbringing of that person and his values ​​reflect the culture of his family. To know the culture and culture, it becomes very important for us to understand how old the culture of human beings is. We must have seen humans associated with different cultures in the world. Till we do not know and recognize the human beings connected with the world-wide society, then we cannot detect that culture in the right music. The better the culture is, the better the rites are.

Importance of culture and culture

We must have seen in the society that human beings mostly give such rites to their children which are related to their culture because they too got the same rites from their parents which their culture gave. Our values ​​reflect the culture of our family society and we reflect our culture on every festival and festival.

If it is a matter of rituals, then we first remember them, the culture with which the human is connected. rites and culture is the work of showing culture, if culture is to be understood in society, then we look at rites and rites and culture for this it is very important to read and understand history.

What effect does culture have on rites

Human values ​​never end, they continue to reach children from mother father to generation. This happens very rarely. That someone moves away from the rites of his family and lives in the society. But this is what we have seen mostly. If we want to identify the culture of that person then first of all look at the values. We must have also seen in society that humans belonging to different cultures live. But how much of any of them influence or does not affect the culture of another, whether it adopts it or not. This same person can tell.

The conclusion

Even today, in the world, we can see that human culture is identified by human values, no matter how old the culture is. The wool culture leaves such an impression in society that it cannot be forgotten even by forgetting it.

 

 

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