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Reality of family and upbringing(परिवार और परवरिश की वास्तविकता) By Neeraj kumar

 

परिवार और परवरिश की वास्तविकता

वास्तविकता   

इन्सान की परवरिश में उसके परिवार का बहुत महत्व होता है परिवार एक ऐसी संस्था को कह सकते है जिसमे इन्सान को सभी तरह के रिश्तो के बारे में पता चलता है परिवार में  कितने ही सदस्य क्यों ना हो, अच्छे हो या बुरे हो| पढ़े लिखे हो या अनपढ़ हो|अमीर हो या गरीब हो| लेकिन सबका प्यार आपस में इतना होता है की जैसे हाथ की उंगलिया| आपस में मिलकर मुट्ठी बन जाती है। परिवार से इन्सान बहुत कुछ सीखता है जो जीवन में उसके बहुत काम आती है इन्सान को जीवन में सबसे पहली सीख देने वाला उसका परिवार ही होता है| जो उसको ये समझाता है| परिवार ही परवरिश के दौरान अच्छे बुरे सही गलत की पहचान करवाता है परिवार की योग्यता और संस्कार किस तरह के है ये इंसान की परवरिश  में झलकते है की उसको किस तरह के संस्कार मिल रहे है|  

 

परिवार और परवरिश का विचार

यदि परिवार और परवरिश की बात करे तो परिवार में रिश्तो की अहमियत को समझना बहुत जरुरी है इसके लिए सनातन हिन्दू परिवार की तरफ गौर करना होगा| जिसमे रिश्तो का निभाव जन्म से लेकर मृत्यु तक देखा जा सकता है हर सदस्य की अपनी एक अहमियत है| जो परिवार को पूरा बनाते है| जीवन भर एक दुसरे के रिश्तो  की गरिमा में बंधे रहते है| परिवार तभी कहलाता है जिसमे रिश्तो की अहमियत को समझा गया हो| और जिसमे विश्वास रहता हो और रिश्तो की अहमियत और विश्वास संस्कारो में होते है परिवार की संख्या कितनी ही क्यों ना हो| यदि उन रिश्तो में प्यार और विश्वास नहीं है तो परिवार पर सवाल खड़े होते है इन्सान की परवरिश किसी भी तरह से  की गई हो| यदि उस परवरिश में संस्कार और संस्कृति का ज्ञान नहीं दिया जाता तो तब भी परवरिश पर भी सवाल खड़े हो जाते है|

 

परिवार और परवरिश का महत्व

परिवार एक ऐसी संस्था होती है जिसमे रिश्तो के महत्व को समझा जाता है परिवार के सदस्य आपस में सुख दुःख, ख़ुशी गम साथ मिलकर बाट लेते है| इसका उदाहरण पवित्र ग्रंथ रामायण को पढ़कर या देखकर, समझकर किया जा सकता है| की परिवार इन्सान के लिए कितना मायने रखता है| परिवार में अगर कोई समस्या है तो उस समस्या के समय एक दुसरे के साथ होना उस परिवार की शक्ति मानी जाती है और सदस्य उस समस्या का समाधान भी आसानी से खोज लेते है| और यदि कोई इन्सान परिवार से अलग हो जाता है तो उसका महत्व भी घट जाता है जैसे किसी पेड़ से कोई पत्ता अलग हो जाता है तो महत्व पत्ते का कम होता है पेड़ का नहीं|  

 

इन्सान की परवरिश का उसके जीवन पर बहुत महत्व पडता है| जन्म से लेकर युवावस्था तक उसमे संस्कारो को ग्रहण करने की पूरी क्षमता बढती चली जाती है और मृत्यु तक  संस्कारो से पता चलता है की इन्सान की परवरिश किस तरह से की गई थी| परिवार के दिए गए संस्कार ही उससे प्रेरित करते है उसको अपने जीवन को किस दिशा में लेकर जाना है और अपने व्यक्तित्व को कैसे बढ़ाना है| वो सीख इन्सान को परवरिश के दौरान परिवार से मिलती चली जाती है|

 

दुनिया में बहुत से परिवार है जो अपने अपने हिसाब से अपने परिवार के सदस्यों को अपने संस्कारो की परवरिश देकर जीवन व्यतीत करने की सीख देते है| यदि उनकी परवरिश में दी गई सीख यदि किसी दुसरे के संस्कारो का अपमान या सम्मान होता है तो उसके परिवार के द्वारा दी गई सीख पर प्रशंसा या निंदा के सवाल खड़े होते है|

निष्कर्ष

परिवार और परवरिश इन्सान के लिए दोनों जरुरी है जितना महत्व परिवार को मिलना चाहिए उतना महत्व परवरिश को भी दिया जाना चाहिए| इन्सान के जीवन में उसको अच्छी सीख उसके परिवार से ही मिल सकती है जो उसकी परवरिश में बहुत उपयोगी मानी जाती है|


Reality of family and upbringing

The reality

In the upbringing of a person, his family is very important, the family can say to an organization in which the person gets to know about all kinds of relationships, no matter how many members in the family, be it good or bad. You are educated or illiterate. Be it rich or poor But everyone's love is as much as the fingers of the hand. Together, it becomes a fist. A person learns a lot from the family, which is very useful in his life, his family is the first person to teach a person in life. Who explains it to him. It is the family that identifies the good, the right and the wrong, during the upbringing, what kind of merit and rites the family has, it is reflected in the child's upbringing what kind of rites he is getting.


Thoughts of family and upbringing

If we talk about family and upbringing, then it is very important to understand the importance of relationships in the family, for this, we have to look at the Sanatan Hindu family. In which the relationship can be seen from birth to death, every member has his own importance. Who make the family complete. Throughout the life, they are bound in the dignity of each other's relations. Family is called only when the importance of relationship is understood. And in which there is trust and the importance of the relationship and the values ​​are in the rites, no matter how many families are there. If there is no love and trust in those relationships, then questions are raised on the family. The person has been raised in any way. If knowledge of rites and culture is not given in that upbringing, then questions are raised on upbringing as well.

Importance of family and upbringing

A family is an organization in which the importance of relationships is understood, family members share happiness and sorrow and happiness together. This can be exemplified by reading or seeing the holy book Ramayana. How much money the family keeps for humans If there is any problem in the family, it is considered the power of that family to be with each other at the time of that problem, and the members also find the solution to that problem easily. And if a person is separated from the family, then its importance also decreases as if a leaf is separated from a tree, then the importance of the leaf is less than the tree.


The upbringing of a person has a lot of importance on his life. From birth to puberty, the whole capacity of accepting the culture  increases in him and till the death rites shows how the person was raised. The rites given by the family inspire him in which direction he should take his life and how to enhance his personality. She learns that she keeps on meeting family during her upbringing.


There are many families in the world who, according to their own, teach their family members how to live their lives by raising their values. If the teachings given in their upbringing are insulted or respected for the rites of another, then the lessons given by their family raise questions of praise or condemnation.

The conclusion

Family and upbringing are both important for human being, as much importance should be given to family as it should be given to upbringing. In the life of a person, he can get a good learning from his family, which is considered very useful in his upbringing.

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