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Reality of exam and result(परीक्षा और परिणाम की वास्तविकता)By Neeraj kumar

 

परीक्षा और परिणाम की वास्तविकता

वास्तविकता

इन्सान के जीवन का हर एक दिन परीक्षा से भरा होता है| उस परीक्षा के परिणाम का भी फल इन्सान को मिलता है| परीक्षा को इन्सान बहुत से कार्यो में देख सकता है| परीक्षा जीवन की वो सच्चाई है जिसमे से निकल कर इन्सान अपने व्यक्तित्व की पहचान बनाता है वो अपने व्यक्तित्व से समाज में अपने प्रदर्शन से उन परीक्षाओ को पूरी करता है जिसमे कई तरह की चुनौतिया होती है उन चुनौतियों को पार करके इन्सान को अपनी परीक्षा का  परिणाम मिलता है| जब इन्सान को किसी परीक्षा में परिणाम मिलता है तो उसमे परिणाम को लेकर उत्साह दिखाई देता है और वो उत्साह ही इन्सान की कामियाबी का रास्ता तय करता है की उसकी परीक्षा किस तरह की थी| इन्सान जीवन में किस तरह की परीक्षा का सामना कर रहा है ये बहुत महत्व रखता है| इन्सान के हर किरदार के साथ उसकी परीक्षा भी बदलती रहती है| किस किरदार में किस तरह की परीक्षा की चुनौतियों का सामना किया, ये भी बहुत महत्व रखता है|  

 

परीक्षा और परिणाम का विचार

हर कार्य क्षेत्र में इंसान को एक के बाद एक परीक्षा मिलती रहती है| कुछ परीक्षा साधारण होती है तो कुछ परीक्षा बहुत कठिन होती है| साधारण परीक्षा का परिणाम और कठिन परीक्षा का परिणाम दोनों ही परिणामो में इन्सान के उदेश्य छुपे होते है| इन्सान को ये समझना है की साधारण परीक्षा का परिणाम कैसा मिलेगा और कठिन परीक्षा का परिणाम कैसा मिलेगा| परीक्षा का परिणाम भी दो तरह से इन्सान को मिलता है, एक अच्छा और दूसरा बुरा| अच्छे परिणाम मिलने पर इन्सान उत्साह और प्रशंसा के काबिल समझा जाता है| जबकि बुरे परिणाम में इन्सान को निंदा मिलती है और उत्साह नहीं मिलता है| प्रशंसा, आगे की परीक्षा के लिए इन्सान के मनोबल को बढ़ाती है| जबकि निंदा, आगे की परीक्षा के लिए इन्सान के मनोबल को गिराती है|    

हर कार्य क्षेत्र की अपनी प्रतिष्ठा होती है| और परिणाम का विचार करते हुए ये समझेंगे की परीक्षा का मूल्य ही परिणाम को साबित करता है की, इन्सान को मिलने वाला परिणाम अच्छा था या बुरा था| उस परिणाम से इन्सान अपने जीवन में क्या सीखता है और भविष्य में आगे क्या करने वाला है| जीवन के हर मोड़ पर इन्सान की परीक्षा उसका इंतजार कर रही होती है| यदि इन्सान उस मोड़ को या उसको मिलने वाली परीक्षा को पार कर लेता है, तो उसका जीवन सँवर जाता है| जो जीवन में प्रतिष्ठा के साथ-साथ सम्मान भी देता है|

परीक्षा और परिणाम का महत्व

हर कार्य क्षेत्र में इंसान को एक के बाद एक परीक्षा मिलती रहती है| बचपन से बुढ़ापे तक हर परीक्षा को पार करना, इन्सान के जीवन के महत्व को बताता है| जिसमे स्कूल की परीक्षा, अपने कार्य क्षेत्र को चुनने की परीक्षा, कार्य क्षेत्र में कामियाब होने की परीक्षा, जीवन के हर परिस्थितियों से पार पाने की परीक्षा|

साधारण परीक्षा और कठिन परीक्षा लम्बी परीक्षा और छोटी परीक्षा, सभी तरह की परीक्षा में इन्सान के आत्मविश्वास, मेहनत और चिंतन की रूप रेखा को निखारती है| इन्सान अपनी परीक्षा में उसका आत्मविश्वास कैसा है, ये सबसे ज्यादा महत्व रखता है| यदि इन्सान अपनी परीक्षा में कोई आत्मविश्वास नहीं रखता, तो उसका परिणाम भी उसके आत्मविश्वास के मुताबिक ही होता है|

इन्सान की परीक्षा के लिए उसकी मेहनत का भी बहुत महत्व होता है मेहनत यदि सही और सही दिशा में की जाये तो परीक्षा में सकारात्मक परिणाम मिलने के ज्यादा महत्व होते है| यदि इन्सान परीक्षा के लिए मेहनत नहीं करता तो उसमे उसका परिणाम भी उसकी मेहनत के हिसाब से मिलने का होता है|

इन्सान अपनी परीक्षा के लिए सही तरह से चिंतन करता है तो उसकी परीक्षा में लगने वाली मेहनत उसको सकारात्मक परिणाम के लिए प्रोत्साहित करती है और यदि इंसान अपनी परीक्षा में चिंतनहीन होता है तो उसकी मेहनत का परिणाम नकारात्मक को साबित करता है|

यदि परिणाम की बात की जाये तो इन्सान हर उस परीक्षा के परिणाम का इंतजार करता है, जिसमे उसके जीवन को एक नया रास्ता मिलता है| परिणाम ही आने वाली मंजिल की दिशा और दशा को सही साबित करता है| परिणाम अच्छे मिलते है तो उसमे प्रशंसा और मंजिल नजर आती है| परिणाम ही इन्सान का आत्मविश्वाश, मेहनत, चिंतन शब्दों की रुपरेखा को निखारता है|

निष्कर्ष

इन्सान को कभी भी अपनी परीक्षा से घबराना नहीं चाहिए| परीक्षा अच्छी हो या बुरी, उन परीक्षा में एक सीख छुपी होती है| जो जीवन को एक नया पन और नया किरदार निभाने को प्रोत्साहित करती है| परिणाम अच्छा मिलता है या बुरा मिलता है ये परीक्षा की मेहनत और आत्मविश्वास और चिंतन की बड़ी भूमिका निर्धारित करता है|


Reality of exam and result

The reality

Every single day of a person's life is filled with exams. The result of that test is also given to the person. Human can see the exam in many tasks. Examination is the fact of life from which a person makes an identity of his personality, he fulfills those examinations by his performance in society with his personality, in which there are many challenges, by crossing those challenges, the result of his examination to the human being Get it When a person gets a result in an examination, then he gets excited about the result and that enthusiasm itself determines the way for the man's loyalty. The kind of test a person is facing in life is very important. With every character of a person, his or her examination also keeps changing, in which character, what kind of exam challenges have they faced, it is also very important.

 

Thought of Exam and  Results

In every field of work, one gets one test after another. Some exams are simple, some exams are very difficult. The results of a simple test and the result of a difficult exam are hidden in both results. The person has to understand how the result of a simple test will be and how the result of a difficult test will be obtained. The result of the test is also given to the person in two ways, one is good and the other is considered worthy of enthusiasm and praise for getting good results, while in bad result, the person gets condemnation and does not get the praise for further examination. While the morale boosts the morale of the person, the condemnation degrades the morale of the person for further examination.

Every work area has its own reputation and considering the result, it will be understood that the value of the test proves the result whether the result was good or bad for the person. With that result, what does the person learn in his life and what will he do next in the future. At every stage of life, human examination awaits him. If the person exceeds the Maud or the test he receives. So his life goes bright, which gives prestige as well as honor in life.

Importance of exam and result

In every field of work, one gets one test after another. Passing every exam from childhood to old age shows the importance of human life, including school exam, exam to choose your work area, test to succeed in the field, test to overcome all the situations of life.

Simple exams and tough exams. Long exams and short exams can enhance a person's confidence, hard work and thinking in all types of exams. How is his self-confidence in his exams. It matters the most if a person is not confident in his exams. If kept, its result is also according to his confidence.

For human examination, his hard work also has great importance, if hard work is done in the right and right direction, then getting positive results in the exam has more importance. If the person does not work hard for the examination, then his result is also to be met according to his hard work.

If the person thinks properly for his examination, the hard work in his examination encourages him to have a positive result and if the person is mindless in his examination then the result of his hard work proves negative.

If we talk about the result, then the person waits for the result of every test in which his life finds a new path. The result only proves the direction and condition of the upcoming floor, if the results are good, then it shows appreciation and destination. The result is the self-confidence, hard work and thinking of human being enhances the outline of words.

The conclusion

Human beings should never be afraid of their examination. Good or bad exams are a lesson hidden in those exams which encourage life to play a new role and a new character. Results get good or bad, it determines the big role of exertion and self-confidence and thinking.

 

 

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