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Reality of Mother and woman(माँ और महिला की वास्तविकता)By Neeraj kumar

 

माँ और महिला की वास्तविकता

ये बात सच है की माँ की दुआ कभी खाली नहीं जाती| और ये बात भी सच है की एक माँ का धर्म और कर्म एक महिला ही निभाती है| यदि इन्सान को ईश्वर के दर्शन करने है तो उसको अपनी माँ की तरफ देखना चाहिए| उसको ईश्वर के दर्शन हो जायेंगे| क्योकि धरती पर यदि भगवान है तो वो माँ के रूप में ही है| जो हर घर में मौजूद है| वो महिला ही माँ होती है जो एक माँ बनने पर अपने जीवन को दाव पर लगा देती है| दुनिया की कोई भी महिला जब माँ बनती है तो उसको सबसे ज्यादा ख़ुशी अपने माँ बनने पर ही होती है|

 

ईश्वर ने सिर्फ महिला को ही माँ बनाने के लिए चुना क्योकि महिला ही उस दर्द और पीड़ा को सहन कर सकती है| जो कोई पुरुष नहीं कर सकता| एक महिला जब माँ के रूप में आती है| तो वो अपने रंग रूप और अपने सौन्दर्य का त्याग करती है जो रंग रूप और सौन्दर्य ईश्वर ने उस महिला को दिया होता है| एक महिला ही माँ शब्द को सही तरीके से परिभाषित करती है| माँ की ममता परिवार में सबसे अलग देखने को मिलती है| माँ हजारो मुसीबते सहन करके भी अपने बच्चो को महसूस नहीं होने देती| दुनिया में करोड़ो माँ है जो जीवन के अनेको रिश्तों को बखूबी से निभाती है| एक माँ और उस महिला का जीवन उसके परिवार के लिए बहुत महत्व रखता है|    

माँ और महिला का विचार

महिलाओ की बात की जाये तो पुरुषो के मुकाबले महिला बहुत सहनशील होती है| महिला ने ही अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ी और आज भी कही ना कही अपने अधिकारों की मांग कर रही है| ये बात सच है की यदि दुनिया चल रही है तो महिलाओं की वजह से ही चल रही है| यदि महिलाये अपने मन से माँ बनने का विचार निकाल देती है तो उस परिवार उस समाज को नई पीढ़ी नहीं मिल सकती| जिसकी कामना वो परिवार और समाज करता है जबकि महिला परिवार और समाज के लिए एक नई पीढ़ी का निर्माण करती है| महिला शब्द को समझना है तो अपने घर परिवार और अपने समाज में रहने वाली महिलाओ की तरफ देखना होगा| महिलाओ को भी उन सभी रिश्तो को निभाना पढता है जो एक पुरुष को निभाने पढ़ते है| जिस तरह पुरुष के जीवन में बदलाव होते है उसी तरह महिला के जीवन में भी बदलाव होते है| महिला ही माँ बनने पर अपने बच्चे की पहली दोस्त व् पहली शिक्षिका होती है| जो जीवन भर सही सीख देकर उनका जीवन सवारती है|   

माँ और महिला का महत्व

महिला परिवार की वो सदस्य जिसको ईश्वर ने दो कुलो की रक्षा के लिए चुना| महिला एक ऐसा नाम जिसको कई रिश्तो में परिभाषित किया हुआ है| समाज महिला में एक माँ के रूप को तो देखता ही है उसके साथ साथ महिला के अनेको रिश्तो को भी देखता है जैसे माँ, पत्नी, मौसी, मामी, बहन, बुआ, बेटी, दादी,नानी, ताई, चाची, भाभी, भांजी, भतीजी| ये सारे रिश्ते ये बताते है एक महिला को जीवन में इन रिश्तो को निभाना पड़ता है| महिला जब अपनी एक उम्र के परिवेश में जब जाती है तो उसको एक अलग रिश्ते की भूमिका का किरदार निभाना पड़ता है| जो उसके जीवन के लिए बहुत महत्व रखता है| एक महिला का जीवन उसके परिवार उसके समाज, उसके देश और दुनिया के लिए बहुत महत्व रखता है|

कहते है घर को स्वर्ग बनाने वाली एक महिला ही होती है जो माँ के रूप में अपने घर संसार को बना के रखती है| कहते है जिस घर में माँ का सम्मान नहीं होता वो स्वर्ग बनने के लायक नहीं होता| महिला जब अपने जीवन में माँ के रूप में आती है तो उसको अपने सौन्दर्य को त्यागना पड़ता है| माँ अपने बच्चो के लिए सरस्वती भी बनती है| तो माँ अपने बच्चो के लिए दुर्गा भी बन जाती है| माँ की शक्ति का मुकाबला ना किसी को करना चाहिए और ना ही आज तक कोई कर पाया है| माँ अपने जीवन से ज्यादा अपने बच्चो के जीवन को सँवारने को महत्व देती है|

आधुनिक दुनिया से लेकर वर्तमान दुनिया में शिक्षा के माध्यम से गरीब से गरीब महिलाओ ने शिक्षा प्राप्त करके बड़ी बड़ी  उपाधि प्राप्त की है और आज भी उनके जीवन में लगातार परिवर्तन हो रहा है देश में महिलाओ ने अपने हौसले से हासिल की उपलब्धियों के माध्यम से संसार को आश्चर्यचकित किया है। प्राचीनकाल से लेकर आधुनिक काल की बात करे तो महिलाओ के जीवन पर बुरा असर था। चाहे बात गाँव में रहने वाली महिलाओ की करे या फिर शहरो में रहने वाली महीलाओ की करे, चाहे बात गरीब परिवार की महिलाओं  की हो या फिर अमीर संम्पन परिवार की महिलाओं की हो। उनके जीवन में बहुत से भेदभाव आज भी पनप रहे है शिक्षा से लेकर सम्पति तक महिलाओं को इन अधिकारों से दूर कर दिया जाता था और आज भी महिलाये इन अधिकारों की मांग कर रही है

 

बात करे आज की या सौ साल पहले की तो महिलाओ के जीवन में बहुत सी समस्याये थी जो आज भी बनी हुई है| जब इन समस्याओं से लड़ते हुए कोई महिला अपना जीवन त्याग देती है तो उसमे नुकसान उस परिवार उस समाज और उस देश का होता है| उन समस्याओं को खत्म करना हर समाज का पहला काम होना चाहिए| वर्तमान जीवन में महिला पुरुषो के मुकाबले खड़ी है हर कार्य क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी है और ये इस बात को साबित करती है की महिला किसी पुरुष से कम नहीं है|

निष्कर्ष

समाज में एक महिला को पुरे सम्मानपूर्वक अहमियत देनी चाहिए| हर परिवार, समाज में  महिला का होना बहुत जरुरी है| जिसके लिए महिला बनी माँ की भूमिका और महिला की स्थिति सशक्त और सम्पन होगी तो तभी महिला ही अपने साथ साथ दूसरी महिलाओ के लिए बेहतर जीवन जीने के अधिकारों को परिभाषित करेगी|




Reality of Mother and woman

It is true that mother's prayers never go empty. And it is also true that a woman plays the religion and deeds of a mother. If a person wants to see God, then he should look at his mother. He will be seen by God. Because if there is God on the earth, then it is in the form of mother. Which is present in every house. The woman is the mother who, after becoming a mother, puts her life at stake. When any woman in the world becomes a mother, she is most happy only when she becomes a mother.

 

God chose only to make a woman a mother because only woman can bear that pain and suffering. What no man can do. When a woman comes as a mother. So she abandons her complexion and beauty, which is the color and beauty God has given to that woman. It is a woman who defines the word mother correctly. Mother's love is seen in a different family. Mother does not let her children feel even after tolerating thousands of troubles. There are millions of mothers in the world who play many of life's life well. The life of a mother and that woman is very important for her family.

Thoughts of mother and woman

Talking about women, women are much more tolerant than men. The woman fought for her existence and even today, she is demanding her rights. It is true that if the world is moving then it is because of women. If women remove the idea of ​​becoming a mother from their mind, then that family cannot get a new seat in that society. Whom she wishes for the family and society while the woman creates a new chair for the family and society. If you want to understand the word woman, then you have to look at your home family and women living in your society. Women also have to study all those relationships which are taught to play a man. Just as there are changes in the life of a man, similarly there are changes in the life of a woman. A woman is the first friend and first teacher of her child when she becomes a mother. One who rides his life by giving him the right lessons throughout his life.

Importance of mother and woman

 

The member of the female family whom God chose to protect the two clans. A woman is a name that is defined in many relationships. The society not only sees the form of a mother in a woman, but also sees many of the relationships of women such as mother, wife, aunt, aunt, sister, aunt, daughter, grandmother, grandmother, aunt, sister-in-law, niece, niece All these relationships tell that a woman has to fulfill these relationships in life. When a woman goes into the environment of her age, she has to play the role of a different relationship. Which is very important for his life. A woman's life is of great importance to her family, her society, her country and the world.

 

It is said that there is only one woman who makes the house a paradise, who, as a mother, maintains her home to the world. It is said that the house where the mother is not respected, does not deserve to become heaven. When a woman comes as a mother in her life, she has to renounce her beauty. Mother also becomes a Saraswati for her children. So the mother also becomes Durga for her children. No one should compete with the power of the mother, nor has anyone been able to do so till date. The mother gives importance to riding the life of her children more than her life.

 

From the modern world to the present world, the poorest of the poor women have attained a great degree through education and even today their lives are constantly changing. Women in the country have achieved their own achievements through their achievements in the world. Has surprised the people of ancient times to modern times, the lives of women had a bad effect whether it was for the women living in the villages or the women living in the cities, whether it was the women of poor families or the rich organizations. Many discrimination is happening in their lives even today, from the women of the family, from education to property, women were removed from these rights and even today women are demanding these rights.

Talk of today or a hundred years ago, there were many problems in the lives of women, which still remain today. When a woman gives up her life while fighting these problems, the loss of her family and that country is in her. Eliminating those problems should be the first task of every society. In the present life, women are harder than men, women have participation in every field of work and this proves that woman is not less than any man.

 The conclusion

In a society, a woman should be given full respect. It is very important to have a woman in every family and society. For which the role of the mother and the status of the woman will be strong and prosperous, then only the woman will define the rights to live a better life for herself as well as other women.




 







 

















  


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