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Reality of festivals and gifts(त्यौहार और तौह्फे की वास्तविकता) By Neeraj kumar

 

त्यौहार और तौह्फे की वास्तविकता

त्यौहारों का उत्साह तौह्फे से और ज्यादा बढ़ जाता है| त्यौहार एक ऐसा उत्साह होता है जिसके लिए इन्सान कई दिनों पहले तैयारी करना शुरू कर देता है| साल भर में कई त्यौहारों से इन्सान का मिलना हो जाता है| इन्सान अपने धर्म में आने वाले त्यौहारों के लिए तो उत्साहित होता ही है| लेकिन कभी कभी दुसरे धर्म के आने वाले त्यौहारों के लिए भी अपना उत्साह बना लेता है| दुनिया में कई धर्म है जिनमे अलग अलग त्यौहारों का आना होता है| उस त्यौहार का मज़ा देने और मिलने वाले तौहफो से और अधिक बढ जाता है| जिसके लिए इन्सान अपने पुरे परिवार के साथ त्यौहार का मज़ा लेता है|

त्यौहार धर्मो में आने वाले वो विशेष दिन होते है जिसके लिए उस त्यौहार का महत्व बन जाता है| हिन्दू धर्म में कई त्यौहारों का आना होता है जिसमे एक विशेष दिन होता है| जैसे हिन्दुओ का पवित्र त्यौहार दीपावली कार्तिक मॉस की अमावस्या को ही होती है, जिसमे माता लक्ष्मी और गणेश जी की पूजा आराधना की जाती है| उसी तरह होली भी एक विशेष दिन की तरह चैत्र मास की पूर्णिमा को ही आती है| उसी तरह इसाई धर्म में क्रिसमस को एक विशेष दिन यानि 25 दिसम्बर को ही मनाया जाता है| उसी तरह मुस्लिम धर्म में भी ईद को भी एक विशेष दिन की तरह ही मनाया जाता है| इन सभी त्यौहारों में इन्सान एक दुसरे को अपनी पसंद का तौहफा देकर उस त्यौहार की बधाई देते है और उस त्यौहार को बड़ी धूमधाम से मनाते है|

त्यौहार और तौह्फे का विचार

त्यौहार और तौह्फे की वास्तविकता ही इन्सान को उसके धर्म से जुड़ा रखती है| त्यौहारों से इन्सान को अपने धर्म के बारे में ही नहीं बल्कि दुसरे धर्म के बारे में भी जानने और समझने को मिलता रहता है| त्यौहार वो धार्मिक उत्सव होता है जिसमे संस्कार और संस्कृति की वास्तविकता की पूरी रूप रेखा इन्सान के सामने आती है| जिसमे इन्सान अपनी संस्कृति के इतिहास के बारे में जानने को मिलता रहता है और अपने पूर्वजो के सिखाये गए संस्कारो को निभाने की पूरी कोशिश करता है| त्यौहारों का विचार कोई आज की मान्यता नहीं है, हजारो वर्ष पहले देवताओ के द्वारा उत्सवों को मनाना और जो आज के युग में इंसानों के लिए ईश्वर का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए त्यौहारों के रूप में मनाये जाते है| जिसमे आज इंसानों के जरिये एक दुसरे को उस त्यौहार की बधाई के लिए तौह्फे भेट करते है|

त्यौहार और तौह्फे का महत्व

त्यौहार और तौह्फे इन्सान के लिए बहुत महत्व रखते है| त्यौहारों में इन्सान अपने परिवार के सदस्यों और अपने परिचितों से मिलने का समय निकाल लेता है| अपने त्यौहार की मान्यताओ के हिसाब से इन्सान साल भर के बाद अपने घर को सजाता है| और परिवार के सदस्यों के लिए तौह्फे खरीदता है जिससे तौह्फे इन्सान को एक दुसरे से जोड़े रखते है| त्यौहारों पर मिलने वाले तौह्फे भी इन्सान के लिए वो सद्भाव प्रकट करते है जिससे इन्सान आपस में एक दुसरे के सुख दुःख में साथ खड़ा रहे|

 

आज के युग में इन्सान के लिए किसी त्यौहार को भूल पाना आसान नहीं है कोई त्यौहार आने से पहले ही इन्सान एक दुसरे को उस त्यौहार की बधाईयाँ देना शुरू कर देता है| बधाई मिलने से इन्सान के मन में उस त्यौहार का और भी ज्यादा महत्व बढ़ जाता है| जिसके लिए उसको किसी दुसरे से बधाई मिलती है या वो किसी और दुसरे को उस त्यौहार की बधाई देता है| बधाई देना भी उन संस्कारो में आता है, जिसके लिए साल भर बाद त्यौहार का इंतजार उसके महत्व को और भी ज्यादा बढ़ा देता है|

तौह्फे की बात की जाये तो दुनिया के बाजारों में त्यौहारों पर देने वाले हजारो तरह के तौह्फे मिलते है| इन्सान अपने रिश्तेदारों और परिजनों को देने के लिए कुछ ऐसे खास तौह्फे चुनता है ,जिससे उसकी याद बनी रहती है|   

निष्कर्ष

इन्सान को अपने हर त्यौहार को पुरे उत्साह से मनाना चाहिए| और साथ साथ उस त्यौहार के उत्सव को और भी ज्यादा बढाने के लिए कुछ ऐसे तौहफे देने चाहिए जिससे तौहफे और त्यौहार का महत्व बना रहे|



Reality of festivals and gifts

The excitement of the festivals is further enhanced by the holiday. The festival is an enthusiasm for which a person starts preparing several days in advance. Man gets to meet many festivals throughout the year. Human beings are excited about the festivals coming in their religion. But sometimes it also builds its enthusiasm for the coming festivals of other religions. There are many religions in the world, in which different festivals have to come. The fun of that festival is further enhanced by the tasting. For which man enjoys the festival with his entire family.

Festivals are those special days in religions for which the significance of that festival becomes. Many festivals are held in Hinduism, on which a special day occurs. Just like the holy festival of Hindus, Deepavali happens on the new moon day of Kartik Moss, in which the worship of Goddess Lakshmi and Ganesh is worshiped. In the same way Holi also comes on the full moon day of Chaitra month like a special day. Similarly, in Christianity, Christmas is celebrated on a special day i.e. 25 December. In the same way, Eid is also celebrated as a special day in the Muslim religion. In all these festivals, humans give each other a gift of their choice and congratulate that festival and celebrate that festival with great pomp.

Thought of festivals and gifts

The reality of festivals and gifts keeps a person connected to his religion. With festivals, people get to know and understand not only about their religion but also about other religion. The festival is a religious festival in which the whole outline of the reality of culture and culture comes before the person. In which the person keeps getting to know about the history of his culture and tries his best to follow the teachings of his ancestors. The idea of ​​festivals is not recognized today, thousands of years ago, celebrating festivals by the gods and which are celebrated in today's age as festivals for getting the blessings of God for humans. In which today, through humans, we send gifts to each other for the greetings of that festival.

Importance of festivals and gifts

Festivals and festivals are of great importance to humans. During festivals, man takes time to meet his family members and acquaintances. According to the beliefs of his festival, a person decorates his house after a year. And buys gifts for family members, so that the couple keeps the human being connected to each other. The gifts on festivals also reveal the harmony for the human being, so that the human beings can stand together in each other's happiness and sorrow.

 

In today's era, it is not easy for a person to forget a festival, before a festival comes, a person starts congratulating each other for that festival. The person gets more importance in the festival by getting congratulations. For which he gets congratulations from another or he congratulates someone else for that festival. Congratulations also come in those rites, for which waiting for the festival after a year increases its importance even more.

 

Talking about the gifts, thousands of types of gifts are given on festivals in the markets of the world. A person chooses such special gifts to give to his relatives and relatives, which keeps his memory alive.

The conclusion

A person should celebrate each of his festivals with full enthusiasm. And at the same time, to increase the celebration of that festival even more, some such gifts should be given so that the importance of the gifts and the festival remains.

 

 

Comments

  1. Nice Article.... हमारे देश में तो त्यौहारों का विशेष महत्व है 👌👌👍

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Thank you

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