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Reality of Namaste and Humility(नमस्ते और नम्रता की वास्तविकता) By Neeraj kumar

 

नमस्ते और नम्रता की वास्तविकता

नमस्ते अभिवादन करने के लिए बोलने वाला एक ऐसा शब्द है, जो सामने वाले को भी नमस्ते बोलने पर मजबूर करता है| जबकि नम्रता एक ऐसा स्वभाव है, जो इन्सान की बोली से पता लगाया जा सकता है की इन्सान का स्वभाव नम्रता से भरा है| नम्रता इन्सान के व्यवहार और व्यक्तित्व को समाज में एक अलग तरह की पहचान देता है| नम्रता स्वभाव से इन्सान बड़े से बड़े क्रोध को भी शांत कर देता है| नम्रता से नमस्ते करने पर सामने वाला इन्सान प्रभावित हो सकता है| नमस्ते मेल मिलाप करने का एक ऐसा शब्द है, जो एक इन्सान को दुसरे इन्सान से आसानी से जोड़ता है| नमस्ते बोलने से रिश्तो की मजबूती को भी बेहतर बनाया जा सकता है| नमस्ते किसी भी इन्सान को बोल सकते है| नमस्ते मिलने की शुरुआत में बोला जाने वाला एक ऐसा शब्द है, जो सामने वाले को अभिवादन देता है| और स्वयं के लिए भी दुसरे के मन में अपने लिए सम्मान की भावना देता है| नम्रता से नमस्ते बोलने से इन्सान के संस्कार और संस्कृति को भी आसानी से पहचान सकते है| नमस्ते किसी भी समय बोल सकते है| नमस्ते बोलने पर छोटो के मन में बड़ो को और बडो के मन में छोटो के प्रति सम्मान देने का शब्द है|

नमस्ते और नम्रता का विचार

नमस्ते और नम्रता दोनों शब्दों की वास्तविकता एक दुसरे से जुडी हुई है| यदि एक शब्द की वास्तविकता को समझे तो दुसरे शब्द की वास्तविकता का भी विचार किया जाता है| इन्सान नमस्ते करते समय नम्रता का स्वभाव प्रदर्शित करता है| नमस्ते किसी भी अनजान इन्सान से भी की जा सकती है नमस्ते करने के लिए इन्सान अपने दोनों हाथो को मिलकर हाथ जोड़ कर नमस्ते करता है| तो सामने वाले इन्सान के मन में उस इन्सान के प्रति एक ऐसा विचार उत्पन्न होता है जिससे उसके व्यवहार और व्यक्तित्व की पहचान बन जाती है| हाथ जोड़ कर किया गया नमस्ते नम्रता को प्रदर्शित करता है| वैसे तो अलग अलग देश में नमस्ते कहने के तरीके भी अलग अलग है, उनके नमस्ते के तरीके में कितनी नम्रता होती है|

नमस्ते और नम्रता का महत्व

नमस्ते शब्द की वास्तविकता को समझने के लिए इन्सान स्वयं नमस्ते शब्द का प्रयोग करके दुसरे के द्वारा इस शब्द की प्रतिक्रिया जान सकता है बस नमस्ते बोलते समय अगर नम्रता का स्वभाव भी इसमें शामिल हो जाये तो स्वाभिक रूप से उस इन्सान को नमस्ते बोलने पर सामने वाले से भी नमस्ते सुनने को मिलेगा| नमस्ते आम भाषा में बोला जाने वाला शब्द है| जिसको किसी से मिलने या बात करने से पहले बोला जाता है

 

नम्रता शब्द की वास्तविकता को समझने के लिए इन्सान इस स्वभाव को अपना कर स्वयं जान सकता है| की नम्रता स्वभाव कितना प्रभावशाली है| नम्रता से इन्सान अपने सामने वाले के बड़े से बड़े क्रोध को भी शांत कर सकता है| नम्रता इन्सान के मन में प्रेम को भी जागृत कर सकता है| नम्रता से किसी दुसरे इन्सान से अपना महत्वपूर्ण कार्य भी करवा सकते है| नम्रता से किसी भी दुश्मनी को भी खत्म किया जा सकता है| नम्रता से आपस के ही नहीं बल्कि अंजान से भी मेल जोल को बढाया जा सकता है| नम्रता रिश्तो के लिए बहुत महत्वपूर्ण स्वभाव माना जाता है|  

 

नमस्ते और नम्रता की वास्तविकता इन्सान को सही सीख सिखाती है नमस्ते और नम्रता जीवन के लिए उतनी ही उपयोगी मानी जाती है जितनी इन्सान की जिन्दगी | नमस्ते और नम्रता इन्सान की आने वाली मुश्किलों को खत्म करने के लिए एक सकरात्मक सोच को उजागर करने के लिए उपयोगी मानी जाती है|       

निष्कर्ष

नमस्ते और नम्रता से ही इन्सान को अपना जीवन व्यतीत करना चाहिए| नमस्ते और नम्रता बहुत से इंसानों के द्वारा देखी गई है जिसमे एक ऐसा स्वभाव सामने होता है, जो सामने वाले को भी उसी की तरह करने पर मजबूर कर देता है|



Reality of Namaste and Humility

Namaste is a word used to greet people, which also forces the person in front to say hello. While humility is such a nature, it can be ascertained by human dialect that human nature is full of humility. Humility gives a distinct identity to the behaviour and personality of a person in society. A person with humility tempers even the greatest anger. A person can be affected by a gentle nostalgia. Namaste is a word of reconciliation that easily connects one person to another. By saying hello, the strength of the relationship can also be improved. Namaste can speak to any person. Namaste is a word spoken at the beginning of a meeting that greets the person in front. And also gives a sense of respect for oneself, in the other's mind for oneself. You can also easily identify the culture and culture of human beings by saying hello with humility. Namaste can speak at any time. On saying hello, there is a word in the mind of Chhoto to pay respect to elders and Chhoti in his mind.

Thoughts of Namaste and Humility

The reality of both the words Namaste and Namrata is related to each other. If you understand the reality of one word, the reality of the other word is also considered. The person exhibits a temperament of humility while doing namaste. Greetings can also be done by any unknown person. To do Namaste, a person joins both hands with his hands and says hello. So a thought arises in the mind of the front man towards that person, which creates the identity of his behaviour and personality. Greetings done with folded hands demonstrate humility. Although there are different ways of saying hello in different countries, how much humility is there in the way of their namaste.

Importance of Namaste and Humility

To understand the reality of the word Namaste, a person can know the reaction of this word by using the word Namaste itself. If the nature of humility also gets involved while speaking Namaste, then in front of the person saying hello to the person naturally We will also hear hello from you. Namaste is a spoken word in common language. Spoken to

 

To understand the reality of the word humility, a person can learn this nature by adopting himself. How effective is his gentleness? Humility can also calm down the biggest anger of the person in front of him. Humility can also awaken love in the mind of a person. You can also get someone else to do their important work with humility. Any enmity can also be ended with humility. Humility can be increased not only with each other, but also with unknown people. Namrata is considered very important for relationship.

 

The reality of Namaste and Humility teaches the right person to learn Namaste and humility are considered as useful for life as the life of man. Namaste and humility are considered useful for exposing a positive thinking to eliminate the difficulties faced by humans.

The conclusion

A person should live his life with humility and humility. Namaste and humility have been seen by many humans, in which there is such a nature in front, which forces the front to do likewise.


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