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Reality of disaster and emergency(आपदा और आपातकाल की वास्तविकता) By Neeraj kumar

 

आपदा और आपातकाल की वास्तविकता

आपदा एक ऐसी स्थिति होती है जिसमे आपातकाल की जरुरत हो जाती है| दुनिया में कही ना कही कोई ना कोई आपदा देखने को मिल जाती है| या कभी तो आपदा प्रकृति रूप से आकर इंसानों को आपातकाल की स्थिति में ले जाती है तो कभी स्वयं इन्सान आपदा की स्थिति अपने लिए बना लेता है जिसमे आपातकाल की इंसानों को बचने का काम करती है|

 

आपदा एक ऐसा शब्द है जिसमे इंसानों के जीवन पर खतरा बन जाता है| जो नुकसान के सिवाऐ और कुछ नहीं दिखाती। आपदा में इन्सान अपने जीवन को जोखिम में डालकर दुसरो का जीवन भी बचाता है, आपदा आने के कई सारे प्रकृति रास्ते है| धरती, आकाश, वायु, अग्नि, समुन्द्र जिसमे समय समय पर आपदा आती रहती है। जो समय अनुसार अपनी दस्तक देकर पृथ्वी पर आपातकाल की स्थिति को लाती है|

 

आपातकाल किसी देश के सविधान में उल्लेखित एक सवैधानिक उपबन्ध होता है, जिसके अंतर्गत कोई सरकार देश पर आये किसी संकट या संभावित संकट के नाम पर देश में लागू करती है| आपातकाल में नागरिको के अधिकार सीमित कर दिए जाते है| कभी कभी देश या राज्य में आपातकाल एक ऐसी स्थिति होती है जिसमे इन्सान एक दुसरे की मदद के आलावा और कुछ नहीं कर सकता आपातकाल भी ऐसी स्थिति में लगाया जाता है जिसमे ये समझा जाये की इन्सान के जीवन पर खतरा है| और उसको बचाने के लिए आपातकाल की जरूरत हो| दुनिया में बहुत जगह समय समय पर आपातकाल लगाया जा चूका है| जो इन्सान को एक ऐसा सन्देश देता है जिसमे जीवन का महत्व सबसे ज्यादा समझा जाता है|

आपदा और आपातकाल का विचार

आपदा और आपातकाल का विचार इन्सान अपनी सुरक्षा को लेकर ही करता आया है। आपदा के विचार को समझे तो दुनिया में बहुत सी जगह है, जहाँ आपदा अपनी दस्तक दे रही होती है। आपदा का एक बहुत लम्बा इतिहास रहा है जो इन्सान के लिए समझने वाले सबक की तरह काम करते है। भूतकाल में भी आपदा ने एक पूरी की पूरी सभ्यता को नष्ट कर दिया था और वर्तमान में भी कभी कभी आपदा इतना भयानक रूप धारण कर लेती है, जिसमे इन्सान की सुरक्षा धरी की धरी रह जाती है| आपदा के समय उस जगह आपातकाल जैसी  स्थिति बना दी जाती है ताकि आपदा में होने वाली जोखिम और क्षति से बचा जा सके|

 

आपातकाल सवैधानिक रूप से उल्लेखित उपबंध है, जिसको सरकारे कई राजनितिक और सामाजिक गतिविधियों पर अंकुश लगा दिया जाता है। ऐसे स्थिति किसी देश पर छाये संकट का हवाला देकर या आने वाले किसी संकट का हवाला देकर सरकार द्वारा किया जाता है। आपातकाल आपदा की तरह होने वाली कोई क्रिया नहीं है, जिसको बार बार लागू किया जा सके। आपातकाल बहुत कम ही लगाया जाता है। सरकारे कभी कभी शक्ति प्रदर्शन और अपने विरोधियो को दबाने के लिए आपातकाल का सहारा लेती है|

 

आपातकाल के लिए उस स्थिति को समझा जाता है, जो आपातकाल के लिए मानी जाती है। आपातकाल उस जगह के लिए महत्वपूर्ण बन जाता है, जहाँ आपदा जैसी स्थिति बन जाती है। आपातकाल, अलग अलग देश अपने अपने हिसाब से लगाते है। कुछ आपातकाल, कुछ समय के लिए लगाया जाता है तो कुछ जगह आपातकाल बहुत समय के लिए लगाया जाता है| आपातकाल हमेशा इन्सान को उस स्थिति के बाहर निकालती है, जिसमे किसी का जीवन बचाने की भरपूर कोशिश की जाती हो|

 

आपदा खतरनाक होती है

आपदा की वास्तविकता इन्सान को एक ऐसी स्थिति में ले जाती है, जिसमे इन्सान अपने जीवन के बचने की पूरी कोशिश करता है। दुनिया में बहुत सी जगह है, जहाँ आपदा आई और इंसानी जीवन के लिए मुसीबत बन गई। आपदा का कोई सन्देश नहीं होता, वो बिना बताये ही कही पर भी अपनी दस्तक दे देती है| 

आज इंसानों ने बहुत से उपकरण बना लिए है, जो आने वाली आपदा को पहले ही बताने की कोशिश करते है। लेकिन अभी तक कोई ऐसा उपकरण नहीं बना है, जिसमे ये बताया जाये की किस आपदा में कितना नुकसान इन्सान को उठाना पड़ेगा|

आपातकाल 

आपातकाल की स्थिति को कई तरीको से इंसानों ने दिखाया है। आपातकाल एक ऐसी स्थिति होती है, जिसमे ये समझा जाता है की जीवन को बचाने के लिए आपातकाल की जरूरत समझी जाती है। आपातकाल कई बार आपदा के लिए लगाया जाता है, तो कई बार देश से बाहरी आक्रमणों से बचने के लिए लगाया जाता है| कई बार देश में ग्रहयुद्ध जैसे हालत बन जाते है, तब भी आपातकाल लगाया जा सकता है| जिसमे खतरा ही खतरा इन्सान के सामने लगता हो, होता है|

निष्कर्ष

आपदा अकसर आती रहती है, जिसको आपदा संकट के समय आपदा सुरक्षा कर्मियों द्वारा कम किया जाता है| और आपातकाल के उपबंध में देखा जा सकता है की आपातकाल किस स्थिति पर लगाया गया है|    

 


Reality of disaster and emergency

A disaster is a situation in which an emergency is required. Somewhere in the world, one gets to see some kind of disaster. Or sometimes a disaster comes in the form of a nature and takes humans into a state of emergency, sometimes a person creates a situation of disaster for himself, in which the people of emergency work to escape.

 

Disaster is a word in which the life of humans becomes a threat. Which shows nothing but harm, in a disaster, a person saves his life by putting his life at risk and there are many nature paths to disaster. Earth, sky, air, fire, sea, in which disaster comes from time to time, which brings a state of emergency on the earth with its knock in time.

 

Emergency is a statutory provision mentioned in the constitution of a country under which a government implements in the country in the name of any crisis or potential crisis that has come upon the country. In emergency, the rights of citizens are limited. Sometimes an emergency is a situation in a country or a state in which a human being cannot do anything other than help each other, an emergency is also imposed in a situation in which it is understood that there is a danger to the life of a person. And to save it, an emergency is needed. Emergency has been imposed from time to time in many places in the world. Which gives a message to the person in which the importance of life is most understood.

 

Thought of ​​disaster and emergency

The idea of ​​disaster and emergency has been done by the man for his safety. If you understand the idea of ​​disaster, then there are many places in the world where disaster is knocking, there is a long history of disaster, which is a lesson to understand for humans. In the past, disaster also destroyed the entire potentiality of a whole and even in the present times, disaster takes such a terrible form in which the security of the human being is kept in the grip of the earth. At the time of disaster, a situation like emergency is created at that place so that the risk and damage in the disaster can be avoided.

Emergency is a constitutionally mentioned provision that allows the government to curb many political and social activities. Such a situation is done by the government by citing the crisis that a country is facing or the impending crisis. There is no action which can be implemented again and again. Emergency is rarely imposed. Governments sometimes resort to emergency to show strength and suppress their opponents.

 

The situation that is considered for emergency is considered important for the emergency, where the situation becomes like a disaster, for the emergency different countries impose their own according to the emergency some emergency for some time. If it is imposed, emergency is imposed for some time in some places. Emergency always comes out of the situation in which a lot of efforts are made to save someone's life.

 

Disaster is dangerous

The reality of disaster takes man in a situation in which man tries his best to save his life. There are many places in the world where disaster came and became a problem for human life. There is no message of disaster without telling it. Knocks on some place too. Today humans have made many tools which try to tell the coming disaster in advance, but so far no such equipment has been made in which it can be told that in which disaster, how much damage will a person have to bear.

The emergency

In many ways humans have shown the state of emergency, emergency is a situation in which it is understood. The need of emergency is considered to save the life of the people. Emergency is often imposed for disaster, sometimes it is imposed to avoid external attacks from the country. Many times, emergency can be imposed in the country even when conditions like planetary war are created. The danger in which the danger is posed in front of the person. It happens.

The conclusion

Disasters often occur, which are mitigated by disaster protection personnel during times of disaster. And in the provision of emergency, it can be seen on which situation the emergency has been imposed.

 

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