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Reality of Vedic knowledge and science(वैदिक ज्ञान और विज्ञानं की वास्तविकता) By Neeraj kumar

 

वैदिक ज्ञान और विज्ञानं की वास्तविकता

वैदिक ज्ञान भारतीय संस्कृति सनातन धर्म के साहित्य है जो प्राचीन भारत में जिनको लिखा गया था जो आज भी भारतीय संस्कृति में ही नहीं बल्कि वैद विश्व के सबसे पुराने साहित्य भी है वैद शब्द का अर्थ ज्ञान भी होता है इस लिए इसको वैदिक ज्ञान कहा जाता है| वैदिक ज्ञान में चार वैदों के आधार पर बताया गया है| जिसमे चारो अलग अलग वैदों का ज्ञान दुनिया के लिये बहुत महत्व रखता है| त्र्ग्वेद, यजुवेद ,सामवेद , अथवर्वेद, चारो वैदिक ज्ञान की वो किताब है| जिसको समझना स्वयं इन्सान के उस अर्थ को समझना है जो जीवन के लिए बहुत महत्व रखते है| जबकि विज्ञानं की बात की जाए तो विज्ञानं वैदिक ज्ञान से बिकुल अलग है भी और नहीं भी विज्ञानं भी उस शब्द को बताने की कोशिश करता है जो हजारो वर्ष पहले वैदिक ज्ञान बता चुके है बस दोनों शब्दों की वास्तविकता दोनों से अलग अलग दिखती है|

 

विज्ञानं की बात की जाए तो इन्सान की सोच में जो ज्ञान आता है उसको विज्ञानं कह सकते है| विज्ञानं की कोई सीमा नहीं है विज्ञानं कितना और किसी भी तरह से उजागर किया जा सकता है| विज्ञानं उस ज्ञान को दुनिया के सामने लाता है| जो आभी तक दुनिया के रहस्यों में छिपा हुआ था या है| आज के युग में इन्सान के जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि को विज्ञानं के नजरिये से ही देखा जा सकता है| विज्ञानं भी हजारो वर्षो से इन्सान के साथ साथ चला है जो भी ज्ञान इंसानों के द्वारा उजागर हुए है वो विज्ञानं के रूप में दुनिया के सामने आये है और इसी तरह आगे भी आते रहेंगे| विज्ञानं की कोई सीमा नहीं है विज्ञानं विभिन्न प्रकार की खोज और वास्तविकता को प्रदर्शित करने में विश्वाश रखता है|

 

वैदिक ज्ञान और विज्ञान  का विचार

 

वैदिक ज्ञान साहित्य है जिसमे हजारो वर्षो से ऋषियो ने अपने शिष्यों को सुनाया और इसी तरह उहोंने अपने शिष्य को सुनाया यानि पीढ़ी दर पीढ़ी एक के बाद एक के पास वैदिक ज्ञान पहुचता गया | और आज भी यह परम्परा कायम है| हर वेद के अपनी स्तुतियां है जो देवलोक में उनकी स्थिति का वर्णन है| त्रग्वेद में भौगोलिक स्थिति और देवताओ के आवाहन के मंत्रो के साथ बहुत कुछ बताया गया है|, यजुर्वेद में यज्ञ की विधियां और यजों में प्रयोग किये जाने वाले मंत्र है| सामवेद गीतात्मक यानी गीत के रूप में है| अथवर्वेद में रहस्यमयी विधाओ जड़ी बूटियों चमत्कार और आयुर्वेद आदि का जिक्र है|

 

विज्ञानं एक ऐसा ज्ञान है जो कल्पनाओ को भी हकीकत में बदल सकता है| आज इन्सान सबसे ज्यादा विश्वास विज्ञानं पर ही करता है| प्राचीनकाल से ही इन्सान विज्ञान को अलग अलग तरीको से दुनिया के सामने रखता आया है| दुनिया में सबसे ज्यादा इस्तेमाल की जाने वाली वस्तुये भी विज्ञानं का ही परिणाम है विज्ञानं खोज और विचित्र करने में विश्वाश करता है| आज लगभग इन्सान विज्ञानं के जरिये जीवन की बहुत सारी मुसीबतों को कम कर चूका है विज्ञानं हर क्षेत्र में एक खोज और नया करने का काम करता है| विज्ञानं ने बहुत सी ऐसी खोज की है जो आश्चर्यजनक और विचित्र सिद्ध हुई है| विज्ञानं ने इंसानी जीवन को बचाने के लिए ही नहीं बल्कि जीव जन्तुओ के लिए भी बहुत से अविष्कार किये है| जो लाभदायक सिद्ध हुए है|

वैदिक ज्ञान और विज्ञान  का महत्व

वैदिक ज्ञान हिन्दू संस्कृति से निकलकर आया है वैदिक ज्ञान जन्म से मृत्यु तक के रहस्यों में छिपा वो ज्ञान है जिसकी खोज हजारो वर्षो पहले ही की जा चुकी थी| वैदिक ज्ञान हिन्दू संस्कृति और सभ्यता को जानने का एकमात्र साधन है मानव जीवन में धर्म और समाज का किस प्रकार विकास हुआ इसका ज्ञान केवल वैदिक ज्ञान के जरिये ही मिलता है| वैदिक ज्ञान में वो सत्य है जिसमे ईश्वर की वाणी को संग्रहित किया गया है| जिसमे बताया गया है की ब्रह्मा क्या है, जीव क्या है, आत्मा क्या है, और ब्रह्माण्ड की उत्पत्ति कैसे हुई ज्योतिष ,गणित ,रसायन औषधि ,प्रकृति ,खगोल , भूगोल, धार्मिक नियम इन सभी विषयों की व्याख्या वैदिक ज्ञान में भरी पड़ी है कहते है सम्पूर्ण पिण्ड ब्रह्माण्ड और परमात्मा को जानने का ज्ञान विज्ञानं और वैदिक ज्ञान ही है

 

विज्ञानं इंसानों के जीवन का वो ज्ञान जिसने इंसानों के जीवन को पूरी तरह बदल कर रख दिया है| विज्ञानं ने जीवन में जन्म से लेकर मृत्यु तक मिलने वाली सभी प्रकार की सुविधाओ को संग्रहित करके दुनिया के सामने रख दिया है आज इन्सान टीवी मोबाईल मशीन जो भी कुछ इस्तेमाल कर रहा है वो सब विज्ञानं की बदोलत ही है विज्ञानं ने हर क्षेत्र में आधुनिक उपलब्धियों को हासिल किया है और आगे भी करता रहेगा| ऐसा कोई क्षेत्र नहीं है जिसमे विज्ञानं ने उपलब्धि हासिल नहीं की हो|

निष्कर्ष

वैदिक ज्ञान में कोई फेरबदल नहीं किया जा सकता जबकि विज्ञानं की हासिल की गई उपलब्धियों में समय समय पर फेरबदल किया जा सकता है वैदिक ज्ञान और विज्ञानं देखा जाए तो एक दुसरे से अलग नहीं है वैदिक ज्ञान उस समय लिखे गए थे जब ईश्वर से अपनी वाणी के द्वारा ब्रह्माण्ड को बताने की कोशिश की थी| जबकि विज्ञानं आज वर्तमान में ब्रह्माण्ड के रहस्यों को बताने की कोशिश कर रहा है|


 

Reality of Vedic knowledge and science

Vedic knowledge is the literature of Indian culture, Sanatan Dharma, which was written in ancient India, which is not only in Indian culture today, but also Vaid is the oldest literature in the world. The word Vaid also means knowledge, hence it is called Vedic knowledge. | Vedic knowledge is based on four Vedas. In which the knowledge of all the different Vedas is very important for the world. Trgveda, Yajurveda, Samveda, Atharvaveda, all four are the books of Vedic knowledge. To understand that is to understand the meaning of human being which is very important for life. While talking about science, science is very different from Vedic knowledge and not even science tries to tell that word which has been told Vedic knowledge thousands of years ago, just the reality of both words looks different from both.

 

If we talk about science, the knowledge that comes in human thought can be called science. There is no limit to science, how much science can be exposed in any way. Science brings that knowledge to the world. Who was or is still hidden in the mysteries of the world. In today's era, the biggest achievement of human life can be seen only from the perspective of science. Science has also gone along with human beings for thousands of years, whatever knowledge has been exposed by humans, they have come in front of the world in the form of science and so will continue to come forward. There is no limit to science. Science believes in displaying various kinds of discovery and reality.

 

Thought of Vedic knowledge and science

 

Vedic knowledge is literature in which sages have told their disciples for thousands of years and in this way they narrated to their disciple, that is, Vedic knowledge was passed on to each successive generation. And even today, this tradition continues. Each Veda has its own eulogy, which describes their position in heaven. The Trigveda has a lot to do with the geographical location and the mantras of invocation of deities. In the Yajurveda, there are the methods of Yajna and the mantras used in Yajas. Samaveda is in the form of lyrical lyrics. The Atharvaveda mentions the mystical genres, herbs, miracles and Ayurveda etc.

 

Science is such a knowledge that can turn imaginations into reality. Today, man does the most on faith science. Since ancient times, humans have been putting science in front of the world in different ways. The most used things in the world are also the result of science. Science believes in discovering and bizarre. Today, through human science, many problems of life have been reduced, science makes a discovery and innovation in every field. Science has made many such discoveries which have proved to be surprising and bizarre. Science has invented many not only for saving human life but also for living animals. Those who have proved to be profitable.

Importance of Vedic knowledge and science

Vedic knowledge has come out of Hindu culture, Vedic knowledge is the knowledge hidden in secrets from birth to death, which was discovered thousands of years ago. Vedic knowledge is the only means to know Hindu culture and civilization, how only religion and society developed in human life, it is only through Vedic knowledge. There is truth in Vedic knowledge in which the voice of God has been stored. In which it is said that what is Brahma, what is a living being, what is a soul, and how the universe originated astrology, mathematics, chemistry, nature, astronomy, geography, religious rules, interpretation of all these subjects is full of Vedic knowledge. The whole body is knowledge science and Vedic knowledge to know the universe and God.

 

Science: The knowledge of human life that has completely changed the life of human beings. Science has stored all kinds of facilities in life from birth to death and put it in front of the world. Whatever is being used by human TV mobile machine today, it is all due to science that science has achieved modern achievements in every field. Has been achieved and will continue to do so. There is no field in which science has not achieved.

The conclusion

No change can be made in Vedic knowledge, whereas the achievements of science can be changed from time to time. Vedic knowledge and science are not different from each other. Vedic knowledge was written at the time when your declaration to God Tried to tell the universe. Whereas science is presently trying to reveal the mysteries of the universe.

     

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